रिपोर्ट मरदुमशुमारी मारवाड़ सन 1891

*"रिपोर्ट मरदुमशुमारी राज मारवाड़ 1891 ई." के संबंध में कुछ तथ्य :-*
*( "मरदुमशुमारी" शब्द का हिन्दी में अर्थ होता है - "जनगणना" )*
*"रिपोर्ट मरदुमशुमारी राज मारवाड़ 1891 ई." 
 
मारवाड़ की तात्कालीन "सरकार द्वारा" , आज से "लगभग 130 वर्ष पूर्व" , सन् 1891 में  कराई गई "जनगणना" की "सरकारी रिपोर्ट" है 
 
इस "जनगणना" हेतु मारवाड़ राज्य में अलग से एक "नवीन विभाग स्थापित" किया गया ....... जिसके सुपरिटेंडेंट रायबहादुर मुंशी हरदयाल सिंह तथा डिप्टी सुपरिटेंडेंट मुंशी देवी प्रसाद के साथ ही "सैकड़ों कर्मचारियों की टीम" को ........"लगभग 25,00,000 ( पच्चीस लाख )  लोगों की जनगणना" कर .....इस जनगणना रिपोर्ट को प्रकाशित  करने में  लगभग "तीन वर्ष का समय" लगा............!!!!!* 
 
*उक्त "सरकारी रिपोर्ट" में मारवाड़ राज्य की "सभी 462 जातियों" के पुरुषों एवं महिलाओं की अलग अलग गणना की गई है............इसके साथ ही , प्रत्येक "जाति की उत्पत्ति" कैसे हुई , इसका वर्णन किया गया है.......संबंधित जाति के रहन-सहन , खान-पान , व्यवसाय , संस्कृति एवं रीति-रिवाज का उल्लेख किया गया है ............!!!!!*
 
*अतः "तात्कालीन सरकार" के एक "सरकारी विभाग की टीम" द्वारा "462 जातियों के 25,00,000 लोगों की जनगणना" के उपरांत तैयार कर प्रकाशित की गई ,उक्त "सरकारी रिपोर्ट" को पूर्णतया "निष्पक्ष एवं प्रामाणिक नहीं मानने" का कोई भी "तर्कसंगत कारण" दूर दूर तक प्रतीत "नहीं" होता है...............!!!!!*